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गीता मार्ग

दैनिक जीवन के लिए भगवद्गीता का मार्गदर्शन

मन की शान्ति

शोक, निराशा, अकेलापन और शान्ति के लिए मार्गदर्शन

शोक ·

जीवन के परिवर्तन को धैर्य और आत्मा की दृष्टि से देखें

2.13 · बदलाव का स्वीकार2.20 · अविनाशी अस्तित्व2.22 · विश्राम और नई यात्रा2.25 · आत्मा का रहस्य2.27 · अटल व्यवस्था
उत्साह की कमी ·

थकान के पलों में अपनी आन्तरिक दिव्यता को महसूस करें

11.33 · निमित्त मात्र18.48 · स्वभावगत कर्म18.78 · विजय का उद्घोष
अकेलापन ·

ईश्वर और सबमें एकता का अनुभव मन को सहारा देता है

6.30 · सर्वत्र ईश्वरीय दर्शन9.29 · समान प्रेम13.16 · परमात्मा की निकटता13.18 · हृदय की ज्योति
निराशा ·

आशा, शरण और भक्ति से मन में फिर भरोसा जगाएं

4.11 · श्रद्धा का उत्तर9.22 · ईश्वरीय सुरक्षा9.34 · निरन्तर स्मरण18.66 · अभय दान18.78 · विजय का उद्घोष
शान्ति की खोज ·

स्थिर बुद्धि, श्रद्धा और समर्पण से शान्ति पाएं

2.66 · शान्ति और सुख2.71 · परम शान्ति4.39 · श्रद्धा और ज्ञान5.29 · परम सुहृद8.28 · सर्वोच्च स्थान

भावनाएं

क्रोध, भय, भ्रम, ईर्ष्या और अवसाद को समझें

क्रोध ·

क्रोध के क्षणों में मौन रहकर अपनी आन्तरिक शान्ति को याद करें

2.56 · स्थिर मन की शक्ति2.62 · विचारों की श्रृंखला2.63 · क्रोध का परिणाम5.26 · आन्तरिक स्वतन्त्रता16.1 · साहस और शुद्धि16.2 · कोमलता और शान्ति16.3 · धैर्य और विनम्रता16.21 · तीन विनाशकारी द्वार
भ्रम ·

उलझन के समय ईश्वर के मार्गदर्शक प्रकाश पर भरोसा रखें

2.7 · समर्पण और मार्गदर्शन3.2 · स्पष्टता की प्रार्थना18.61 · हृदय का स्वामी
ईर्ष्या ·

तुलना के भाव को त्यागकर सबके प्रति आन्तरिक प्रेम जगाएं

12.13 · मैत्री और करुणा12.14 · अन्तर्मन की सन्तुष्टि16.19 · द्वेष का परिणाम18.71 · श्रवण का फल
अवसाद ·

दुःख में भी मन को धीरे-धीरे प्रकाश की ओर ले जाएं

2.3 · कायरता का त्याग2.14 · धैर्य और सहनशीलता5.21 · अक्षय सुख
भय ·

परम विश्वास के साथ मन के हर भय को शान्ति में विलीन करें

4.10 · डर से मुक्ति11.50 · सौम्य आश्वासन18.30 · विवेक की स्पष्टता

आन्तरिक दोष

काम, लोभ, अहंकार और प्रलोभन पर संयम

लोभ ·

बाहरी संग्रह से परे मन के अनन्त सन्तोष में विश्राम खोजें

14.17 · गुणों का प्रभाव16.21 · तीन विनाशकारी द्वार17.25 · निस्वार्थ सेवा
काम ·

इच्छा की आग को पहचानकर संयम में बदलें

3.37 · भीतर का शत्रु3.41 · आत्म-अनुशासन3.43 · भीतर की विजय5.22 · क्षणभंगुर सुख16.21 · तीन विनाशकारी द्वार
अहंकार ·

मैं ही सब कर रहा हूँ वाली भावना और घमण्ड छोड़कर विनम्र शक्ति अपनाएं

16.4 · अहंकार का बोझ16.13 · लालच का भ्रम16.14 · शक्ति का नशा16.15 · दिखावे का खालीपन18.26 · सात्त्विक कर्ता18.58 · अहंकार की चेतावनी
प्रलोभन ·

बाहरी आकर्षणों के बीच अपने मन को दिव्यता की ओर मोड़ें

2.60 · चंचल इन्द्रियाँ2.61 · स्थिर प्रज्ञा2.70 · अचल शान्ति7.14 · माया से पार

साधना और विकास

क्षमा, आलस्य, पाप-बोध, विस्मृति और मन-नियन्त्रण

भेदभाव ·

सबमें समान आत्मा देखकर सम्मान और सन्तुलन रखें

5.18 · समान दृष्टि5.19 · संसार पर विजय6.32 · करुणा का मार्ग9.29 · समान प्रेम
पाप-बोध ·

अपनी त्रुटियों को समर्पण की गंगा में बहाकर नया जन्म लें

4.36 · आशा की किरण4.37 · भीतर का बदलाव5.10 · कमल के समान जीवन9.30 · नई शुरुआत10.3 · अनन्त का बोध14.6 · सत्त्व गुण का प्रकाश18.66 · अभय दान
विस्मृति ·

विस्मृति के बीच भी ईश्वर के साथ अपने मधुर सम्बन्ध को याद रखें

15.15 · बुद्धि का आधार18.61 · हृदय का स्वामी
आलस्य ·

जड़ता को छोड़कर कर्म की पवित्र ऊर्जा से स्वयं को जोड़ें

3.8 · कर्म की पावनता3.20 · समाज सेवा का योग6.16 · अति का त्याग18.39 · तामसिक सुख का त्याग
क्षमा ·

क्षमा की शीतलता से अपने हृदय के हर घाव को भरें

11.44 · विनम्र क्षमा12.13 · मैत्री और करुणा12.14 · अन्तर्मन की सन्तुष्टि16.1 · साहस और शुद्धि16.2 · कोमलता और शान्ति16.3 · धैर्य और विनम्रता
असंयमित मन ·

चंचल मन को प्रेम और धैर्य के साथ अपना सखा बना लें

6.5 · स्वयं का उत्तरदायित्व6.6 · भीतर का तालमेल6.26 · भटके मन की वापसी6.35 · विजय का सूत्र

आवश्यक श्लोक

जीवन और गहरे अध्ययन के लिए चुनिंदा गीता श्लोक

जीवन के मुख्य श्लोक ·

जीवन, कर्म, भक्ति और निर्णय के लिए आवश्यक श्लोक

2.47 · निस्वार्थ सेवा2.50 · कर्म की कुशलता3.19 · लगाव से परे कर्म4.7 · धर्म का आश्वासन4.8 · सत्य की विजय6.17 · जीवन की लय9.26 · प्रेम का अर्पण10.10 · बुद्धि का प्रकाश13.27 · एकता की दृष्टि17.15 · वाणी की मिठास18.63 · विवेक का सम्मान18.65 · समर्पित मन
गूढ़ गीता अध्ययन ·

गीता के गूढ़ तत्त्व, भक्ति और दर्शन को समझने के लिए

2.48 · समता का योग3.30 · समर्पित कर्म4.13 · स्वभाव और कर्म4.34 · सीखने की विनम्रता7.7 · एकमात्र आधार8.5 · अन्तिम विचार9.27 · कर्म का अर्पण10.20 · हृदय में परमात्मा10.41 · ईश्वरीय विभूति11.32 · समय की महाशक्ति12.15 · शान्त व्यक्तित्व14.26 · भक्ति की शक्ति15.7 · दिव्य आत्मा18.46 · कर्म ही पूजा